प्रकाश रांगड़, उत्तरकाशी
गंगोत्री विधानसभा में वर्ष 2027 की विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से नेताओं ने अप्रत्यक्ष तौर पर जनता के बीच सक्रियता तेज कर दी है। खासकर भाजपा के नेताओं में राजनीतिक दौड़ काफी तेज दिखाई दे रही है। क्षेत्र में थौलू मेलों से लेकर हर छोटे-बड़े कार्यक्रम जहां भी हो रहे, नेताओं का वहां जमावड़ा लग रहा है।
गत दिवस की ही बात कर लेते हैं, जहां मौका था गाजणा के कमद गांव में नालेश्वर महादेव मंदिर के कपाट उद्घाटन और विकास मेले के आगाज का। गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की राजनीति के सभी प्रमुख चेहरे यहां पहुंचे थे।
इनमें भाजपा के वर्तमान विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण, डुंडा प्रमुख राजदीप परमार, सीएम के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, भटवाड़ी प्रमुख ममता पंवार, भाजपा जिला अध्यक्ष नागेंद्र चौहान, राजेंद्र गंगाड़ी, पवन नौटियाल सहित कई भाजपा के दिग्गज मेले में पहुंचे। इन दिग्गजों की मेला परिसर में एक साथ मौजूदगी कुछ इसी ओर इशारा कर रही थी कि 2027 नजदीक है और हम जनता के बीच आए हैं संदेश पहुंचाने कि दावेदारी हमारी भी है।
हालांकि, इनमें एक दो नेताओं को छोड़कर यह सभी भाजपाई दिग्गज 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राजनीतिक सक्रियता प्रदर्शित कर रहे थे। मंच से भाषण देने का मौका भी सभी को मिला और अपने तरीके से भीड़ में छाप छोड़ने की राजनीतिक कोशिश भी की गई।
भीड़ भले यह समझ न पाई हो कि अचानक सभी नेताओं के आने की वजह आखिर क्या है, लेकिन 2027 का आने वाला विधानसभा चुनाव सारे हिंट दे गया।
अहम यह है कि यहां जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत प्रशासन की ओर से शिविर का आयोजन भी रखा गया था, लेकिन शिविर में समस्याओं की फिक्र ना तो नेताओं को थी और ना ही वहां पहुंचे अधिकारियों को। अधिकारी शिविर में जनता की खाली कुर्सियों को दिनभर निहारत रहे और जनप्रतिनिधि मेले में सियासी लाइन खींचने में व्यस्त रहे।
अभी 2027 काफी दूर है, लेकिन नेताओं की धड़कनें अभी से तेज हो गई है। अब सियासी गर्मी आने वाले समय में और बढ़ेगी इससे इनकार नहीं किया जा सकता। देखना यह है कि गंगोत्री से इस बार भाजपा आखिर किसे टिकट देती है, क्योंकि मेले में नेताओं की यह मौजूदगी टिकट की उम्मीद की एक झलक भी प्रस्तुत करता है।


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