प्रकाश रांगड़, उत्तरकाशी
बाड़ाहाट पालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान के घर के समीप कूड़ा ले जाकर नारेबाजी कर प्रदर्शन का मामला गरमा गया है। बुधवार को पालिकाध्यक्ष के समर्थन में पालिका सभासदों और सफाई कर्मचारियों ने थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक जमकर बवाल काटा और कूड़ा निस्तारण की मांग को कई दिनों से धरने पर बैठे आंदोलनकारी गोपीनाथ सहित उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
देर शाम को पालिकाध्यक्ष के समर्थकों ने हनुमान चौक पर आंदोलनकारियों के बिस्तर भी फेंक डाले जिससे मामला और भी ज्यादा तूल पकड़ गया।
वहीं बवाल होते देख बुधवार को सुबह पुलिस आंदोलनकारियों को थाना ले आई। पालिका कार्यालय में भी सभासदों और कर्मचारियों ने अभद्रता करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद दोपहर में सभासद और सफाई कर्मचारी नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग रखी। वहां से फिर शाम को सभासद और सफाई कर्मचारी कोतवाली पहुंचे और आंदोलनकारियों को जेल भेजने की मांग करते रहे।
पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान की पत्नी की तरफ से भी थाने में अभद्रता करने वाले आंदोलनकारियों के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिस पर पुलिस अपने ढंग से कार्रवाई में लगी है।
इधर आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। तांबाखानी से कूड़ा नहीं हटा है और इसी कूड़े को एक पेटी में भरकर सांकेतिक तौर पर पालिकाध्यक्ष को जगाने के लिए उनके ज्ञानसू स्थित आवास से काफी दूर नारेबाजी की थी। आवास पर वे नहीं गए थे जो कि गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल इस वजह से पालिका ने शहर की सभी लाइटें बंद रखी है जिससे सड़कों और गलियों में अंधेरा पसरा है। इस वजह से जनता परेशान है।
सफाई न होने से शहर और शहर वासियों की दिक्कत बढ़ती दिखाई दे रही है। लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले में जनता का अहित नहीं होना चाहिए था। लाइट व सफाई व्यवस्था सुचारू की जानी चाहिए। फिलहाल मामला अभी शांत नहीं हुआ है। आंदोलनकारियों से पालिकाध्यक्ष के समर्थक सार्वजनिक माफी मंगवाने पर अड़े हुए हैं। हालांकि आंदोलनकारियों ने अपनी तरफ से लिखित माफीनामा दे दिया है।



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